बशीर बद्र शायरी – पहला-सा वो ज़ोर नहीं है

पहला-सा वो ज़ोर नहीं है मेरे दुख की सदाओं में
शायद पानी नहीं रहा है अब प्यासे दरियाओं में – बशीर बद्र