फैज अहमद फैज शायरी – राज ए उल्फ़त छिपा कर

राज ए उल्फ़त छिपा कर देख लिया
और क्या देखने को बाक़ी है
आप से दिल लगा के देख लिया…..! – फैज अहमद फैज