फैज अहमद फैज शायरी – रिन्दाने-जहां से ये नफरत ऐ

रिन्दाने-जहां से ये नफरत, ऐ हजरते-वाइज क्या कहना,
अल्लाह के आगे बस न चला, बंदों से बगावत कर बैठे। – फैज अहमद फैज