इरफ़ान सिद्दीक़ी शायरी – उदास ख़ुश्क लबों पर लरज़

उदास ख़ुश्क लबों पर लरज़ रहा होगा
वो एक बोसा जो अब तक मिरी जबीं पे नहीं – इरफ़ान सिद्दीक़ी