इरफ़ान सिद्दीक़ी शायरी – होशियारी दिल-ए-नादान बहुत करता है

होशियारी दिल-ए-नादान बहुत करता है
रंज कम सहता है ऐलान बहुत करता है – इरफ़ान सिद्दीक़ी