जिगर मुरादाबादी शायरी – दुनियाँ के सितम याद न

दुनियाँ के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद,
अब मुझको नहीं कुछ भी मुहब्बत के सिवा कुछ याद – जिगर मुरादाबादी