ख़ुमार बाराबंकवी शायरी – दिल को तस्कीन-ए-यार ले डूबी

दिल को तस्कीन-ए-यार ले डूबी
इस चमन को बहार ले डूबी

अश्क को पी गए हम उनके हूज़ूर
आहद-ए-इख्तियार ले डूबी – ख़ुमार बाराबंकवी