नक़्श लायलपुरी शायरी – किसी को मख़मलीं बिस्तर पे

किसी को मख़मलीं बिस्तर पे भी मुश्किल से नींद आए।।
किसी को नक़्श दिल का चैन टूटी चारपाई दे।। – नक़्श लायलपुरी