नक़्श लायलपुरी शायरी – दिल ख़तावार नज़र पारसा तस्वीरे

दिल ख़तावार, नज़र पारसा, तस्वीरे अना।।
वो बशर है, के फ़रिश्ता है, के ख़ुदा है, क्या है?।। – नक़्श लायलपुरी