क़ाबिल अजमेरी शायरी – ये सब रंगीनियाँ ख़ून-ए-तमन्ना से

ये सब रंगीनियाँ ख़ून-ए-तमन्ना से इबारत हैं
शिकस्त-ए-दिल न होती तो शिकस्त-ए-ज़िंदगी होती! – क़ाबिल अजमेरी