कैफ़ी आज़मी शायरी – कोई ये कैसे बताए कि

कोई ये कैसे बताए कि वो तन्हा क्यूँ है
वो जो अपना था वही और किसी का क्यूँ है – कैफ़ी आज़मी

कैफ़ी आज़मी शायरी – बहार आए तो मेरा सलाम

बहार आए तो मेरा सलाम कह देना
मुझे तो आज तलब कर लिया है सहरा ने – कैफ़ी आज़मी

कैफ़ी आज़मी शायरी – मुद्दत के बाद उस ने

मुद्दत के बाद उस ने जो की लुत्फ़ की निगाह ,
जी ख़ुश तो हो गया मगर आँसू निकल पड़े – कैफ़ी आज़मी