क़ाबिल अजमेरी शायरी – ज़माना दोस्त है किस किस

ज़माना दोस्त है किस किस को याद रक्खोगे
खुदा करे के तुम्हें मुझ से दुश्मनी हो जाए – क़ाबिल अजमेरी

क़ाबिल अजमेरी शायरी – कौन याद आ गया अज़ाँ

कौन याद आ गया अज़ाँ के वक़्त
बुझता जाता है दिल चराग़ जले – क़ाबिल अजमेरी

क़ाबिल अजमेरी शायरी – तुम न मानो मगर हक़ीक़त

तुम न मानो मगर हक़ीक़त है
इश्क़ इंसान की ज़रूरत है – क़ाबिल अजमेरी