नक़्श लायलपुरी शायरी – नाम होंटों पे तिरा आए

नाम होंटों पे तिरा आए तो राहत सी मिले
तू तसल्ली है दिलासा है दुआ है क्या है – नक़्श लायलपुरी

नक़्श लायलपुरी शायरी – पानी से ‘नक्श’ कब हुई

पानी से ‘नक्श’ कब हुई रौशन यह ज़िंदगी
मैं अपने आँसुओं के दिये भी जला चुका – नक़्श लायलपुरी

नक़्श लायलपुरी शायरी – मैं हूँ महबूब अंधेरों का

मैं हूँ महबूब अंधेरों का मुझे हैरत है
कैसे पहचान लिया तुमने उजालो मुझको – नक़्श लायलपुरी